CM शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक में लिया फैसला- दक्षिण भारत के कुछ राज्‍यों से मुर्गों की खरीद पर रोक

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देशभर में बर्ड फ्लू (Bird Flu) के खतरे को देखते हुए अतिरिक्‍त सावधानी बरती जा रही है. मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्‍यों में पक्षियों की मौत के बाद राज्‍य सरकारें भी सतर्क हो गई हैं. इस बीच, मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Chief Minister Shivraj Singh Chauhan) ने प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री विश्‍वास सारंग और मुख्‍य सचिव मनीष रस्‍तोगी संग आपात बैठक की. इसके बाद दक्षिण भारत (South india) के कुछ राज्‍यों से मुर्गों की खरीद पर अस्‍थाई रोक लगाने का फौरी फैसला लिया गया. सीएम शिवराज के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर इसकी जानकारी दी गई.

सीएम ने कहा, ‘वर्तमान में मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू की गंभीर समस्या नहीं है, एहतियातन आवश्यक कदम उठाए गए हैं. भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस से ज़िलों को अवगत कराया गया है. दक्षिण भारत के कुछ राज्यों से सीमित अवधि के लिए मुर्गों का व्यापार प्रतिबंधित रहेगा. यह अस्थाई रोक एहतियातन लगाई गई है. प्रदेश के तीन स्थान इंदौर, आगर मालवा और मंदसौर में कुछ कौवों की मृत्यु के पश्चात सावधानी के तौर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं.

बता दें कि आज ही खबर सामने आई थी कि मध्यप्रदेश के इंदौर में कौवों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद मंदसौर और आगर मालवा जिलों के कौवों के नमूनों में भी एच5एन8 संक्रमण पाया गया है. इनके अलावा, प्रदेश के सात अन्य जिलों में मरे कौवों के नमूनों को जांच के लिये भेजा गया है. मध्यप्रदेश के 52 जिलों में से 10 जिलों में 23 दिसम्बर से अब तक कौवों की मौत का आंकड़ा लगभग 400 पहुंच गया है. हालांकि, प्रदेश सरकार का कहना है कि मुर्गा और अंडे खाने से मानव स्वास्थ्य को खतरा नहीं है. मध्यप्रदेश में हो रही कौवों की मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिये प्रदेश सरकार ने सोमवार को बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया था.