चीन में फ्रोजेन सीफूड के पैकेट पर पाया गया कोरोना वायरस, प्रोसेस्ड हो चुका था सीफूड

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प्रतीकात्मक तस्वीर

एक तरफ पूरी दुनिया जहां कोरोना वायरस को मारने वाली वैक्सीन बनाने में जुटी है, वहीं चीन में यह जानलेवा वायरस एक बार फिर फ्रोजेन सीफूड के पैकेट पर पाया गया है. इस घटना के बाद से वहां हड़कंप मच गया है. चीनी प्रशासन का कहना है कि इंपोर्ट किए गए फ्रोजेन सीफूड के पैकेट पर कोरोना वायरस पाया गया है. हालांकि, ये वायरस कहां से आया है इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.

दरअसल, फ्रोजेन सीफूड की शिपमेंट चीन की पोर्ट सिटी दालियान के बंदरगाह पहुंची थी. यांतई की तीन कंपनियों ने ये फ्रोजेन सीफूड खरीदा था. यांतई सरकार ने बताया है कि सीफूड दालियान में आए शिपमेंट से पहुंचा है, लेकिन ये कहां से आया इसकी जानकारी नहीं है. दालियान में कस्टम अफसरों का कहना है कि जुलाई में लायोनिंग प्रांत में फ्रोजेन फूड की पैकजिंग पर कोरोना वायरस पाया गया था, जो इक्वाडेर से आयात हुआ था. इसके बाद चीन ने इक्वाडोर से फ्रोजेन सीफूड के आयात पर रोक लगा दी थी. बता दें कि दालियान लायोनिंग प्रांत में ही आता है. अब एक बार फिर दालियान पहुंचे सीफूड के पैकेट पर ही कोरोना पाया गया है.

सीफूड के पैकेट पर कोरोना वायरस का मिलना इसलिए भी महत्वपूर्ण घटना है क्योंकि माना जाता है चीन के वुहान शहर स्थित सीफूड मार्केट से ये वायरस फैला है और आज पूरी दुनिया इस वायरस की चपेट में है. सीफूड के पैकेट पर वायरस मिलने के बाद यांतई की तीन कंपनियों ने लाए गए कुछ फूड को प्रोसेस्ड कर लिया था, जबकि बाकी कोल्ड स्टोर में रखा गया है. यांतई सरकार ने बताया है कि यह फूड अभी तक मार्केट में नहीं पहुंचा है.

वहीं, इस सीफूड शिपमेंट से जुड़ी सभी जगहों व सामानों को सील कर दिया गया है. जो लोग सीफूड के टच में रहे उन्हें भी क्वारनटीन कर दिया गया है. बता दें कि जिस शहर दालियान में सीफूड की ये शिपमेंट पहुंची थी वहां कोरोना वायरस का पहला केस जुलाई के आखिर में आया था. दिलचस्प बात ये है कि पहला केस सीफूड प्रोसेसिंग कंपनी में काम करने वाले एक शख्स से जुड़ा था. हालांकि, 9 अगस्त तक दालियान में 92 कोरोना केस ही रिपोर्ट किए गए हैं.