चीन से आयातित खास स्टील पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी जारी रखने को लेकर जांच कर रही मोदी सरकार

182

लद्दाख सीमा से कदम पीछे हटाने के बाद भी भारत की ओर से चीन पर सख्‍ती का सिलसिला फिलहाल कम होता नहीं दिख रहा है. दरअसल, चीन से आयात होने वाले कई प्रोडक्‍ट्स पर भारत में एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई गई है. अब केंद्रीय वाणिज्‍य व उद्योग मंत्रालय की जांच इकाई डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज ने एंटी-डंपिंग ड्यूटी जारी रखने को लेकर जांच शुरू कर दी है. सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, घरेलू उद्योगों की शिकायत पर कुछ खास प्रकार के स्टील प्रोडक्ट्स पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी जारी रखने को लेकर जांच चल रही है.

आईएसएमटी लिमिटेड और जिंदल शॉ लिमिटेड ने डीजीटीआर के पास चीन से आयात होने वाले सीमलेस ट्यूब्स, पाइप्स, लोहे के हॉलो प्रोफाइल्स और एलॉय या नॉन एलॉय स्टील पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी के सनसेट रिव्यू के लिए याचिका दायर की थी. सनसेट रिव्यू के तहत ये आकलन किया जाता है कि किसी प्रोग्राम या एजेंसी की जरूरत खत्म हो गई या अभी भी है. यह किसी प्रोग्राम या एजेंसी के प्रभावकारी होने और प्रदर्शन का आकलन होता है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने के बाद भी इन उत्पादों की डंपिंग जारी है. इनके आयात में बढ़ोतरी हुई है. नोटिफिकेशन में कहा गया है कि घरेलू कंपनियों की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों के मुताबिक अगर वर्तमान ड्यूटी एक्सपायर होती है तो उसे जारी रखा जाना चाहिए.

एंटी-डंपिंग ड्यूटी को लेकर डीजीटीआर रिव्यू करेगा कि इसे जारी रखा जाना चाहिए या नहीं. चीन से आने वाले इन स्‍टील उत्पादों पर फरवरी 2017 में एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई गई थी और 16 मई 2021 को एक्सपायर होगी. अगर इस फैसले को आगे नहीं बढ़ाया जाता है तो 16 मई 2021 के बाद चीन से आयात होने वाले इन स्‍टील उत्पादों पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी नहीं लगेगी. यह ड्यूटी फेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज सुनिश्चित करने और घरेलू उत्पादकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए लगाई गई थी.