दो मुस्लिम युवकों को जिंदा जलाने के मामले में मोनू मानेसर समेत 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज..

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भरतपुर पुलिस ने हरियाणा के भिवानी जिले में दो मुस्लिम युवकों को जिंदा जलाने के मामले में मोनू मानेसर समेत 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार गोरक्षकों को लेगर मानेसर का कई बार नाम आ चुका है. भरतपुर के पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह का कहना है कि, ‘‘हमने जुनैद और नासिर के अपहरण, मारपीट और हत्या के आरोप में मोनू मानेसर सहित एफआईआर में 21 आरोपियों का नाम दर्ज किया है”.

क्या था मामला?

पुलिस ने बताया इन लोगों पर आरोप है कि सभी ने सबूत नष्ट करने, वित्तीय मदद, आश्रय देने और अन्य आरोपियों को फरार होने में मदद की है.” बता दें कि भरतपुर के 35 वर्षीय और और 27 वर्षीय नासिर के जली हुई बॉडी 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी जिले में एक वाहन के अंदर मिली थीं. आरोप लगा था कि जुनैद और नासिर का हिंदूवादी संगठल बजरंग दल के सदस्यों ने पहले अपहरण किया और फिर उनके साथ मारपीट करके उनकी हत्या कर दी.

फॉरेंसिक जांच में खुलासा

फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट सामने आई तो पता लगा कि जले हुए शव जुनैद और नासिर के ही थे. इसके अलावा जिस वाहन से उनका अपहरण किया गया था उसमें मिले खून के धब्बे भी उनसे मेल खाते थे. जिसके बाद भरतपुर पुलिस ने 22 फरवरी को नौ आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. जिसमें नूंह के रिंकू सैनी, अनिल व श्रीकांत पंडित, कैथल के कालू जाट, करनाल के किशोर, भिवानी के मोनू व गोगी, जींद के विकास व शशिकांत शर्मा के नाम शामिल थे.

14 अप्रैल को हुई गिरफ्तारी

इस मामले में पुलिस ने 14 अप्रैल को गिरफ्तारी की और मोनू राणा और गोगी को सलाखों के पीछे डाल दिया. बता दें इससे पहले 17 फरवरी को रिंकू सैनी को पुलिस के जरिए गिरफ्तार किया जा चुका था. तीनों आरोपियों के खिलाफ 16 मई को अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया. 21 संदिग्ध आरोपियों में हरियाणा के गुरुग्राम से मोहित उर्फ मोनू मानेसर; नूंह से लोकेश सिंगला, बादल, तुषार; चरखी दादरी से विशाल जेबली, प्रवेश और रवींद्र; जींद के राजवीर, सुखविंदर, करनाल से शिवम, रेवाड़ी से आशु, सीसर निवासी रमेश उर्फ मेसा, गोहाना से भोला, मनोज; इसके अलावा हरियाणा के ही योगेंद्र आचार्य और आजाद आचार्य, दीपक, संजय परमार, नवनीत, भोलू और देवी लाल शामिल हैं.