CAA विरोध: पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को UP पुलिस ने भेजा नोटिस, लगाए हैं ये बड़े आरोप

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नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में मुरादाबाद के ईदगाह मैदान में हुए धरना प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषण देने के मामले में यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को अपना पक्ष रखने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजा है. इस मामले में अजीज कुरैशी समेत 13 लोगों के ख़िलाफ़ पुलिस ने मामला दर्ज किया था. अब तक 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. अब इस मामले में 13वें आरोपी पूर्व राज्यपाल अजीज क़ुरैशी से अपना पक्ष रखने के लिए पुलिस ने नोटिस भेजा है.

19 सितंबर को भेजे नोटिस के जवाब में पूर्व राज्यपाल ने कहा है कि वो व्हीलचेयर पर हैं. उन्हें बोलने की आजादी संविधान ने दी है. उन्हें तो लोग कहीं भी ले जाते हैं. बता दें कि इस मामले में थाना गलशहीद में चौकी इंचार्ज असालतपुरा विजेंद्र सिंह राठी ने मु.आ.स 36 / 2020 धारा: 143, 145, 149, 188 केस दर्ज कराया था. गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में ईदगाह मैदान में करीब दो माह तक धरना-प्रदर्शन चला था. इस प्रदर्शन में 22 फरवरी को यूपी के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी भी शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने धरने को संबाेधित भी किया. पुलिस ने उनके बयान को आपत्तिजनक मानते हुए उनके साथ ही कुल 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था.

गलशहीद थाना प्रभारी अजयपाल सिंह ने बताया कि पूर्व राज्यपाल समेत 13 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. पुलिस ने इसी मामले में उन्हें नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है. इस मामले में उन्हें एक सप्ताह का समय दिया गया है. गौरतलब है कि पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश और मिजोरम के भी राज्यपाल रह चुके हैं. नागरिकता संशोधन कानून का उन्होंने खुलकर विरोध किया था, इस दौरान उनके खिलाफ मुरादाबाद के साथ ही लखनऊ में भी मुकदमा दर्ज किया गया था.