वोडाफोन आइडिया के CEO: दूरसंचार क्षेत्र में प्रति ग्राहक राजस्व कारोबार में टिकने लायक नहीं

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वोडाफोन आइडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रविंदर टक्कर ने कहा कि दूरसंचार क्षेत्र में प्रति ग्राहक औसत राजस्व (Arpu) काफी कम है और इसके आधार पर आप बाजार में टिक नहीं सकते। टक्कर ने कहा कि बाजार में अभी शुल्क वृद्धि को झेलने की क्षमता है। 

इससे क्षेत्र के संरचनात्मक मुद्दों को हल किया जा सकेगा और दूरसंचार कंपनियों को बेहतर रिटर्न मिल सकेगा। कंपनी के जून तिमाही के नतीजों के बाद टक्कर ने कहा कि वह 2जी सेवाओं को बंद करने के पक्ष में नहीं है। यह एक कम लागत की सेवा है और बहुत से लोग आज भी इसे प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 4जी उपकरण और स्मार्टफोन क्षेत्र में कंपनी सीधे नहीं उतरना चाहती। 

उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति मूल उपकरण विनिर्माताओं (ओईएम) के साथ काम करने के अलावा संभावित वित्तपोषण उपलब्ध कराने वाले भागीदारों के साथ काम करने की है। ये ग्राहकों को आसान भुगतान विकल्प के साथ उपकरण उपलब्ध करा सकते है। टक्कर ने कहा कि क्षेत्र का प्रति ग्राहक राजस्व काफी दबा है। यह सभी खिलाड़ियों के लागत ढांचे से भी नीचे है। 
उद्योग की कुल सेहत सुधारने के लिए शुल्कों में बढ़ोतरी काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर कोई इस बात को जानता है कि लागत से कम मूल्य और भारी छूट के साथ असीमित वॉयस और डाटा प्लान की पेशकश से दूरसंचार उद्योग को काफी घाटा हुआ है। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2019 में शुल्कों में वृद्धि सही दिशा में उठाया गया कदम था, लेकिन अभी भी क्षेत्र का प्रति ग्राहक औसत राजस्व कारोबार में टिकने लायक नहीं है।

मालूम हो कि वोडाफोन-आइडिया का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही का घाटा बढ़कर 25,460 करोड़ रुपये हुआ था। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,874 करोड़ रुपये था। सांविधिक बकाए के लिए प्रावधान की वजह से कंपनी का घाटा बढ़ा है। शेयर बाजारों को कंपनी ने यह जानकारी दी।

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