चीन की कंपनी हुवावे व जेडटीई पर रोक लगाने के लिए कैट ने केंद्र सरकार से मांग की

88
File Photo

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने मंगलवार को केंद्रीय संचार और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को एक पत्र भेजकर भारत में 5जी नेटवर्क रोल आउट में चीनी कंपनी हुवावे और जेडटीई कॉर्पोरेशन के भाग लेने पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है. व्यापारी संगठन ने अपने पत्र में कहा कि देश की सुरक्षा, संप्रभुता और डाटा सुरक्षा के लिए यह प्रतिबंध बेहद आवश्यक है. कैट ने यह मांग चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के गत 10 जून को घोषित राष्ट्रीय अभियान ‘भारतीय सामान-हमारा अभिमान’ के तहत की है.

कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने केंद्रीय मंत्री प्रसाद को भेजे पत्र में कहा है, “चीन के हुवावे एवं जेडटीई कॉर्पोरेशन के भारत में 5जी नेटवर्क रोलआउट में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही सरकार यह प्रतिबंध भी लगाए कि इन दोनों चीनी कंपनियों की प्रौद्योगिकी और उनके उपकरणों को कोई भी कंपनी 5जी नेटवर्क के रोलआउट में इस्तेमाल न करे.” उन्होंने कहा, “यह पता चला है कि हुवावे और जेडटीई दोनों चीनी कंपनियों ने भारत में रोलआउट किए जाने के लिए 5जी नेटवर्क के बुनियादी ढांचे में भाग लेने के लिए आवेदन किया है.”

जून के महीने में सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का हवाला देते हुए कैट ने कहा कि यदि चीनी कंपनियों को यह अनुमति दी जाती है तो वह निश्चित रूप से 5जी नेटवर्क के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर बनाने के अवसर को हड़पने का एक मौका होगा और भारतीय दूर संचार पर चीनी कंपनियों का लगभग कब्जा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जबकि प्रतिबंध लगने की स्थिति में भारतीय कपनियों को अपनी टेक्नोलॉजी को उच्चस्तरीय करने का अवसर मिलेगा, जो देश के निर्यात और आयात में सुधार के लिए काफी हद तक फायदेमंद होगा.

कैट ने कहा, “बड़ी आशंका है कि हुवावे अपनी तकनीक प्रणाली में एक निगरानी तंत्र विकसित कर सकती है, जिसके द्वारा किसी भी प्रकार की सूचना या डाटा पर निगरानी हो सकेगी.”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here