BJP नेता विनय कटियार का कांग्रेस पर बड़ा हमला, हमारी सरकारें गिराने के लिए रची थी बाबरी विध्वंस की साजिश

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भारतीय जनता पार्टी के नेता विनय कटियार ने गुरुवार को कहा कि राज्यों में हमारे सरकारों को गिराने के लिए कांग्रेस ने विध्वंस के जरिए षड्यंत्र रचा था। साथ ही उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किए जाने के बाद अब काशी और मथुरा मामलों में हिंदुओं के पक्ष में समाधान निकाला जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इन विवादास्पद मुद्दों पर अंतिम फैसला साधु-संत ही लेंगे। कटियार भाजपा के वयोवृद्ध नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी सहित उन 32 लोगों में शामिल हैं जिन्हें बुधवार को लखनऊ स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की एक विशेष अदालत ने बाबरी विध्वंस मामले में बरी कर दिया था।

कई हिंदू संगठन उठा रहे काशी और मथुरा की मांग

कई हिंदू धार्मिक संगठन लंबे समय से काशी में विश्वनाथ मंदिर और मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि मंदिर का मुद्दा उठा रहे हैं। विश्वथ मंदिर से ज्ञानवापी मस्जिद और कृष्ण जन्मभूमि से शाही ईदगाह मस्जिद की दीवारें लगी हुई हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने हालांकि पिछले साल अयोध्या मामले पर फैसला आने के बाद स्पष्ट किया था कि उसके एजेंडे में फिलहाल मथुरा और काशी नहीं हैं। मथुरा को भगवान कृष्ण की जन्म स्थली माना जाता है जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव की पूजा होती है।

‘अदालत के फैसले से कंधे का बोझ हल्का हो गया’
कटियार ने कहा कि बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले से उनके कंधे का बोझ हल्का हो गया क्योंकि लोग अक्सर कहा करते थे कि वह स्वयं और अन्य भाजपा नेता 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद ध्वस्त करने के पीछे थे। यद्यपि उन्होंने कहा कि यदि ‘ढांचा’ नहीं गिराया जाता तो मंदिर कैसे बनता। उन्होंने कहा, ‘यदि ढांचे को नहीं गिराया जाता तो मंदिर कैसे बनता। हालांकि, इसे उस दिन (6 दिसंबर) नहीं गिराया जाना चाहिए था। कैसे गिराया गया वह एक अलग विषय है, लेकिन यदि ढांचा वहां रहता तो मंदिर नहीं बन पाता।’

‘सुप्रीम कोर्ट ने 2019 में सबकुछ स्पष्ट कर दिया’
कटियार ने कहा कि जब ढांचा गिराया तब तत्काल उनके मन में यही खयाल आया कि कहीं अयोध्या तो नहीं जल रही? यह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि आखिरकार 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सब कुछ स्पष्ट कर दिया और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। इसी साल अगस्त महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने एक न्यास का भी गठन किया है जो उसकी देखरेख में होगा।

CBI अदालत ने सभी 32 आरोपियों को किया बरी
CBI की विशेष अदालत ने 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में बुधवार को बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाते हुए सभी 32 आरोपियों को बरी कर दिया। विशेष CBI अदालत के न्यायाधीश एस के यादव ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, यह एक आकस्मिक घटना थी। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिले, बल्कि आरोपियों ने उन्मादी भीड़ को रोकने की कोशिश की थी।

‘एक दिन पहले मेरे आवास पर हुई थी बैठक’
कटियार ने कहा कि मस्जिद गिराए जाने की घटना से एक दिन पहले उनके आवास पर भाजपा नेताओं की एक बैठक हुई थी जिसमें आडवाणी भी शामिल थे लेकिन उसमें कोई ‘षड्यंत्र’ नहीं रचा गया था बल्कि ‘सांकेतिक कारसेवा’ की योजना बनाई गई थी। उन्होंने कहा, ‘आडवाणीजी उसी रात अयोध्या पहुंचे थे और वह जानकी महल में रुके हुए थे। चूंकि वह मेरे वरिष्ठ नेता थे इसलिए मैंने उन्होंने रात्रि भोज पर आमंत्रित किया था। हमने साथ में खाना खाया और अगले दिन ‘सांकेतिक कारसेवा’ को लेकर चर्चा की। हमने यह निर्णय लिया कि बाबरी मस्जिद के निकट कारसेवा की अनुमति नहीं दी जाएगी।’

‘कांग्रेस ने रचा था बाबरी विध्वंश का षड्यंत्र’
उन्होंने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद को कांग्रेस ने गिराया था। उन्होंने दावा किया, ‘बाबरी मस्जिद को कांग्रेस ने गिराया और हमें आरोपी बना दिया गया। राज्यों में हमारी सरकारों को गिराने के लिए कांग्रेस ने विध्वंस के जरिए षड्यंत्र रचा था।’ उन्होंने बाबरी विध्वंस मामले में कांग्रेस और उसके नेताओं की भूमिका की जांच आरंभ किए जाने की भी मांग उठाई।