बेरूत धमाके के बाद जनता में आक्रोश, पूरी लेबनान कैबिनेट और प्रधानमंत्री ने दिया इस्तीफा

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बेरूत ब्लास्ट में मरने वालों की संख्या 200 पार कर चुकी है. इसके साथ ही लेबनान में जनता प्रचंड गुस्से में उबल रही है. जनता के गुस्से के आगे झुकते हुए लेबनान की पूरी कैबिनेट ने ही इस्तीफा दे दिया है. बेरूत धमाके के बाद ही पूरे शहर में प्रदर्शन शुरू हो गया था और लोग हिंसक हो रहे थे. प्रदर्शनकारी घटना की जिम्मेदारी मौजूदा सरकार पर डाल रहे थे और उसके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. जनता के भारी दबाव को देखते हुए कई मंत्री पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके थे.

लेबनान के प्रधानमंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सोमवार को उनका इस्तीफा हुआ. हाल में बेरूत में हुए धमाके के बाद पूरे लेबनान में विरोध प्रदर्शन जारी है. प्रधानमंत्री का कहना है कि लेबनान में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि उसने देश के हितों को भी पीछे छोड़ दिया है. सोमवार को कैबिनट मीटिंग की बैठक के बाद हमद हसन ने कहा, “पूरी सरकार ने इस्तीफा दे दिया है.” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हसन दियाब राष्ट्रपति भवन जाएंगे और सभी मंत्रियों के नाम से इस्तीफा सौंपेंगे.

बेरूत में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. यहां तक कि प्रदर्शनकारी लेबनानी संसद का भी घेराव कर रहे हैं. यह विरोध पिछले तीन दिन से जारी है. इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने इस्तीफे का ऐलान किया और कहा कि ईश्वर लेबनान की रक्षा करें. यह बात उन्होंने तीन बार दोहराई और इस्तीफे का ऐलान किया.

बता दें, पिछले अक्टूबर से ही लेबनान में छिटपुट विरोध प्रदर्शन की घटनाएं हो रही थीं. लेबनान के लोगों का आरोप है कि सरकार भ्रष्टाचार में इतनी डूब गई है कि उसे लोगों के कल्याण की जरा भी परवाह नहीं. हालांकि सरकार इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद चलती रही लेकिन बेरूत धमाके ने पूरी सरकार को घुटने पर ला दिया.

दूसरी ओर प्रधानमंत्री हसन डेब ने बेरूत की माली हालत के लिए भ्रष्ट नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है. डेब ने समाचार एजेंसी से कहा कि उन्हें (कथित भ्रष्ट नेता) खुद पर शर्म आनी चाहिए क्योंकि उनकी करतूत ने लेबनान को इस हाल में छोड़ दिया है. मुझे लगता है कि यहां भ्रष्टाचार देश से भी सर्वोच्च हो गया है जिसने पूरे सिस्टम को पंगु बना दिया है. अब हालत यह है कि समझ में नहीं आ रहा कि इससे कैसे निजात मिले. बता दें, डेब लेबनान के प्रधानमंत्री बनने से पहले अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ बेरूत में प्रोफेसर थे.