भारत-अमेरिका में हुई ऐतिहासिक BECA डील, कई और समझौतों पर हस्ताक्षर, गलवान घाटी का जिक्र कर पोम्पिओ बोलें- भारत के साथ खड़ा है अमेरिका

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भारत और अमेरिका के बीच नई दिल्ली में दो दिवसीय टू प्लस टू वार्ता जारी है। इस दौरान दोनों देशों ने BECA समझौता (बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस समझौते से दोनों देशों के बीच सूचनाओं को साझा करने में और भी आसानी होगी। सिर्फ यही नहीं इसके अलावा भी कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। यब बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर तनातनी जारी है। ऐसे में चीन की नजर भी भारत और अमेरिका के बीच हो रही इस बैठक पर है। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा और विदेश मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

पोम्पियो ने कहा कि हमारे नेताओं और नागरिकों को स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ता है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र, कानून का शासन और पारदर्शिता के लिए मित्रवत नहीं है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका न केवल सीसीपी की ओर से पैदा हुए खतरे के खिलाफ बल्कि सभी खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं।

संयुक्त बयान के दौरान अमेरिका ने चीन पर निशाना साधा। गलवान का जिक्र करते हुए माइक पोम्पिओ ने कहा कि हमने नेशनल वॉर मेमोरियल का दौरा किया, जहां भारतीय सशस्त्र बलों के बहादुर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें गलवान घाटी में शहीद हुए 20 जवान भी शामिल थे। उन्होंने आगे कहा कि कहा कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है क्योंकि दोनों संप्रभुता, लिबर्टी के खतरों का सामना कर रहे हैं। माइक पोम्पिओ ने चीन पर हमला बोलते हुए कहा कि हमारे नेता और जनता स्पष्ट तौर पर देख रही है कि चीन की कम्युनिष्ट पार्टी लोकतंत्र, कानून और पारदर्शिता को नहीं मानती है।

पोम्पिओ ने कहा, ”हम संपूर्ण सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए संबंधों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं न कि सिर्फ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की चुनौती के मद्देनजर। हम भारत की संप्रभुता के खतरों से निपटने के लिए उसके साथ खड़े हुए हैं। अमेरिका और भारत के बीच हमारे लोकतंत्रों और साझा मूल्यों की रक्षा के लिए बेहतर तालमेल है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने भी संयुक्त बयान के दौरान बताया कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा हुआ है। उन्होंने कहा, ”हमारे साझा मूल्यों और साझा हितों के आधार पर, हम स्वतंत्र और ओपन इंडो-पैसिफिक के समर्थन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं, विशेष रूप से चीन द्वारा बढ़ती आक्रामकता और अस्थिर करने वाली गतिविधियों के मद्देनजर। एस्पर ने आगे कहा कि जैसा कि दुनिया एक वैश्विक महामारी और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है, भारत-अमेरिका की साझेदारी क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।