अतीक का भाई अशरफ, बोला- पुलिस अफसर ने दी 2 हफ्ते में निपटाने की धमकी..

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साल 2006 के उमेश पाल अपहरण केस में प्रयागराज की एमपी/एमएलए कोर्ट का फैसला आने के बाद माफिया अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ ​​अशरफ को वापस बरेली जेल भेज दिया गया. उसे मामले में पेशी के लिए बरेली से प्रयागराज लाया गया था. बरेली पहुंचने पर अशरफ ने जेल वैन में बैठे-बैठे मीडिया कर्मियों से बात की. उसने कहा कि यूपी पुलिस के किसी बड़े अफसर ने उसे धमकी दी है कि 2 सप्ताह के अंदर तुम्हें फिर से किसी बहाने जेल से बाहर निकालेंगे और तुम निपटा दिए जाओगे. अशरफ ने कहा कि वह उस पुलिस अधिकारी का नाम नहीं बता सकता, जिसने उसे धमकाया है.

1 लाख रुपए के जुर्माने के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई

दरअसल, प्रयागराज की एमपी/एमएलए कोर्ट में उमेश पाल अपहरण केस की 28 मार्च को सुनवाई हुई. अतीक को साबरमती जेल से और उसके भाई अशरफ को बरेली जेल से प्रयागराज लाकर कोर्ट में पेश किया गया था. दिनेश चंद्र शुक्ल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए अतीक अहमद को उमेश पाल अपहरण केस में दोषी ठहराया और उसे 1 लाख रुपए के जुर्माने के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई. अतीक के अलावा सौलत हनीफ, दिनेश पासी को भी कोर्ट ने दोषी माना और इन दोनों को भी 1 लाख रुपए के जुर्माने के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई.

वहीं, अशरफ समेत 7 को अदालत ने सबूतों के अभाव में दोषमुक्त करार दिया. कोर्ट का फैसला आने के बाद दोनों भाइयों को उनकी जेलों में वापस भेज दिया गया. अतीक ने सुनवाई के दौरान कोर्ट से गुहार लगाई थी कि उसे वानस साबरमती जेल भेजा जाए, यूपी की जेल में न रखा जाए. उमेश पाल की हत्या के आरोप पर अशरफ ने मीडिया से कहा कि मेरे परिवार के खिलाफ साजिश रची गई है. अतीक और खुद को माफिया कहे जाने पर अशरफ भड़क गया और कहा, ’तीन साल से मैं जेल में बंद हूं. आपको माफिया दिखता हूं. अतीक 5 बार विधायक और सांसद रहे हैं. मैं भी 1 बार विधायक रह चुका हूं. वह भी कई सालों से जेल में बंद हैं मैं कैसे किसी की हत्या की साजिश रच सकता हूं.’