अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने की जयशंकर से मुलाकात, बोले- कोरोना के खात्मे के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध, मदद के लिए हम भारत के प्रति कृतज्ञ

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समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस दौरान कोविड टीके, चीन, अफगानिस्तान, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक मुद्दों पर बेबाकी से बात की। जयशंकर ने कहा कि भारत लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर चर्चा करने के लिए तैयार है क्योंकि इन दोनों ही मामलों में भारत का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। सूत्रों के अनुसार इस दौरान अमेरिकी पक्ष की ओर से लोकतंत्र और मानवाधिकारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर कोई सवाल नहीं उठाए गए। 

ब्लिंकन ने कहा कि भारत और अमेरिका समेत हर लोकतंत्र सतत विकास की प्रक्रिया में रहता है और हमारा लक्ष्य है कि हम उन मूल्यों व आदर्शों को पा सकें जो हमने तय किए हैं। कभी कभी ये कठिन होता है लेकिन लोकतंत्र के तौर पर हम इसे खुले तौर पर करते हैं। उन्होंने कहा कि साझा हितों ने भारत और अमेरिका के संबंधों को मजबूत किया है। ब्लिंकन ने कहा हमारी तरह भारत का लोकतंत्र भी इसके नागरिकों की स्वतंत्र सोच पर चलता है। हम इसकी सराहना करते हैं।

प्रेसवार्ता में डॉ. जयशंकर ने कहा कि आज हमने टीका उत्पादन को बढ़ाने पर चर्चा की जिससे इसे पूरी दुनिया में कम कीमत पर और आसानी से हर कहीं उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने भारत में टीका उत्पादन के लिए कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला जारी रखने के लिए अमरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन को धन्यवाद कहा। उन्होंने कहा, कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान हमें अमेरिका से जिस तरह का सहयोग मिला वह सच में असाधारण है। 

वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने दोनों देशों के संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए  कहा कि दुनिया में कुछ ही संबंध ऐसे हैं जो अमेरिका और भारत के बीच के रिश्ते से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, हमारी विविधता हमारी राष्ट्रीय शक्ति को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि हम विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। भारतीय व अमेरिकी लोग अपने लाखों की संख्या में मौजूद पारिवारिक संबंधों और अपने साझा मूल्यों के माध्यम से एकजुट हैं।

ब्लिंकन ने कहा, मुझे भारत वापस आकर खुशी हो रही हैं। मैं यहां 40 साल पहले अपने परिवार के साथ आया था। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी ने दोनों देशों को बहुत बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी की शुरुआत में भारत की ओर से जो मदद हमें मिली उसे हम कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। मुझे गर्व है कि हम भारत की मदद कर सके। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि हम इस जानलेवा महामारी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हमने अफगानिस्तान समेत क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और भारत शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान चाहते हैं। क्षेत्र में एक मजबूत भागीदार के तौर पर भारत अफगानिस्तान में विकास और स्थायित्व सुनिश्चित करने में अपना अहम योगदान देता रहा है और देता रहेगा। हम अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक स्थिरता लाने के लिए और वहां के लोगों के हित के लिए हम काम करना जारी रखेंगे।

ब्लिंकन ने कहा कि हमने अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं लेकिन हम वहां से जुड़े रहेंगे। वहां हमारा न केवल मजबूत दूतावास है बल्कि ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं जो विकास और सुरक्षा सहायता के जरिए इस देश के विकास में मदद करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान में चल रहे हिंसक संघर्ष के समाधान के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए काम करने की कूटनीति पर लगातार काम कर रहे हैं।

क्वाड को लेकर ब्लिंकन ने कहा कि यह सरल है लेकिन महत्वपूर्ण है। चार एक जैसी मानसिकता वाले देश वर्तमान समय के सबसे अहम मुद्दे पर काम करने के लिए साथ आ रहे हैं जो लोगों के जीवन पर असल में प्रभाव डालेगा। चारों देश इस तरह काम करेंगे कि एक मुक्त और खुले हिंत-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि क्वाड एक सैन्य गठबंधन नहीं है। इसका असल उद्देश्य यहां की क्षेत्रीय चुनौतियों को लेकर सहयोग को बढ़ाना है।

आज सुबह ही ब्लिंकन ने राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव (NSA) अजीत डोभाल से साउथ ब्लॉक जाकर मुलाकात की थी। इस दौरान कोविड-19 और इंडो-पैसिफिक समेत अनेकों अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।