अमित शाह ने कहा – 130 करोड़ नागरिकों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ बनाने का संकल्प लेना चाहिए

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को देश के लोगों से यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को एक आत्मनिर्भर और शक्तिशाली राष्ट्र बनाने के लिए व्यक्तिगत कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि जनता की यह कोशिश, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और अन्य ऐसी योजनाओं के माध्यम से रचनात्मक भविष्य की ओर ले जाएगी।

उन्होंने यह संदेश लाल किले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया जहां वे राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) द्वारा की जा रही 7,500 किलोमीटर की कार रैली में शामिल होने गए थे। इस दौरान उन्होंने एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की साइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई, जिसका समापन भारत की आजादी के 75वें वर्ष  पर चल रहे समारोहों के हिस्से के रूप में हुआ। 

आत्मनिर्भर भारत ही विकास का मार्ग 
शाह ने कहा कि अगर 130 करोड़ नागरिकों में से प्रत्येक देश को आगे ले जाने और इसके विकास के लिए काम करने का संकल्प लेते हैं, तो हम भारत को ‘आत्मनिर्भर’ बना सकते हैं और इसे एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के दौरान नागरिकों के लिए मोदी के आह्वान का उद्देश्य नागरिकों के बीच एक प्रेरणा के रूप में काम करना है, जिसके परिणामस्वरूप भारत का विकास होगा।

शाह ने कहा “मैं देश के सभी नागरिकों से एक साथ मिलकर देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के मोदी जी के सपने को साकार करने के लिए खुद को समर्पित करने का आग्रह करता हूं।”

उन्होंने कहा, ‘भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाने के लिए आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को प्रेरित करना और भारत के विकास के लिए एक राजमार्ग बनाना है। इन आयोजनों का उद्देश्य युवा पीढ़ी में देश के प्रति देशभक्ति और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना और स्वतंत्रता संग्राम के ज्ञात और गुमनाम नायकों की भूमिका को याद रखना है। हम सभी का जन्म 1947 में आजादी के बाद हुआ था.. हमें स्वतंत्रता सेनानियों की तरह देश के लिए मरने का मौका नहीं मिला, लेकिन हम देश के लिए जी सकते हैं और देश की प्रगति में भाग ले सकते हैं।’

प्रधानमंत्री मोदी का सपना
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत अपनी आजादी की 100वीं वर्षगांठ तक विश्व का एक विनिर्माण केंद्र बन जाए, आत्मनिर्भर हो जाए और इसके नागरिक ‘आयुष्मान भारत योजना’ के तहत अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम हों। 

उन्होंने कठिन परिस्थितियों से लड़ने वाले सुरक्षाबलों की सराहना की और देश की सीमाओं और भीतरी इलाकों की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वालों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि एनएसजी कमांडो कार रैली करेंगे जबकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) ने आम लोगों से मिलने और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थानों का दौरा कर अपनी साइकिल रैलियां समाप्त कर ली हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं उनके प्रयासों की प्रशंसा करता हूं और देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले 35,000 से अधिक राज्य और केंद्रीय पुलिस बलों के जवानों को सलाम करता हूं।’

शाह ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि 
शाह ने पने संबोधन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लाल किले के सामने आयोजित कार्यक्रम में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया को भी सम्मानित किया।

रैलियों से बढ़ा रहे मनोबल
सीएपीएफ में असम राइफल्स के अलावा सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं और ये बल विभिन्न आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों को पूरा करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की कमान के तहत काम करते हैं। गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने इस आयोजन के तहत अरुणाचल प्रदेश के गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स, लद्दाख और ईटानगर जैसे स्थानों से कुल 16,426 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 10 साइकिल रैलियां कीं। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 15 ऐसी रैलियां कीं, जो पिछले महीने पश्चिमी सीमा और देश के मध्य भागों के विभिन्न स्थानों से शुरू हुईं।