लोकसभा में विपक्ष पर बरसे अमित शाह, बोलें- जम्मू कश्मीर में आपकी चार पीढ़ी ने जितना काम किया, उतना काम हमने डेढ़ साल में किया

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लोकसभा में बजट पर चर्चा का सत्र चल रहा है, जिसमें कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गृह मंत्री अमित शाह से जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर कई सवाल पूछे थे। इस पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पूछा गया था कि अनुच्छेद 370 हटाने के वक्त जो वादे किए गए थे, उसका क्या हुआ?

अमित शाह ने आगे कहा कि मैं इसका जवाब जरूर दूंगा, लेकिन अभी तो 370 को हटे हुए मात्र 17 महीने हुए हैं, आपने 70 साल क्या किया, उसका हिसाब लेकर आए हो क्या? यही नहीं गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि मुझे कोई आपत्ति नहीं है, मैं हर चीज का जवाब दूंगा। 

लेकिन जिन लोगों को पीढ़ियों तक शासन करने का अवसर दिया गया था, उन्हें ये देखना चाहिए कि क्या वे जवाब मांगने के लिए उपयुक्त हैं। यही नहीं, केंद्रीय गृृह मंत्री ने आगे कहा कि कई सांसदों ने कहा कि जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2021 को लाने का मतलब है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा।

अमित शाह ने कहा कि मैं इस बिल का बना रहा हूं और लाया हूं। मैंने अपने विचार स्पष्ट कर दिए हैं। ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिलेगा, आप ऐसे निष्कर्ष कहां से निकालते हैं? अमित शाह ने आगे कहा कि मैंने पहले भी सदन में कहा था और मैं अब फिर दोहरा रहा हूं कि इस बिल से जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

अमित शाह ने आगे कहा कि उचित समय आने पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा। अमित शाह ने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी को जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के दिन याद करिए। हजारों लोग मारे गए, कई दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा। कश्मीर में शांति बहाली सबसे बड़ा मुद्दा था। 

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि मैं अशांति के दिनों को याद नहीं करना चाहता। हमारी सरकार होने के बाद वहां ऐसे दिन दोबारा नहीं आएंगे। अमित शाह ने आगे कहा कि कोई नहीं कहेगा कि डीडीसी के चुनावों के समय धोखाधड़ी या अशांति फैली थी। पंचायत चुनाव में 51 फीसदी मतदान हुआ। 

अमित शाह ने आगे कहा कि जिन्होंने धारा 370 वापस लाने के आधार पर चुनाव लड़ा था, वो साफ हो गए।