अमेरिका में नहीं थम रही कोरोना की रफ़्तार,CDC ने Face Mask Policy को लागू किया

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CDC face mask policy
CDC face mask policy

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने अधिक से अधिक अमेरिकी लोगों को कोरोना वायरस के प्रसार को धीमा करने के लिए खास तरह का मास्क पहनने को कहा है (CDC Face Mask Policy). अधिकारियों ने कहा है कि आम लोग भी स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों की तरह एन95 या केएन95 मास्क पहनें. इस तरह के मास्क हवा से वायरस को फिल्टर करने में बेहतर माने जाते हैं. लेकिन पहले उनकी कम आपूर्ति होती थी और रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अधिकारियों ने कहा था कि ऐसे मास्क के लिए स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.

सीडीसी के अधिकारियों ने शुक्रवार की दोपहर पोस्ट किए गए ताजा दिशा-निर्देशों में मास्क की आपूर्ति की कमी से संबंधित चिंताओं को दूर किया और अधिक स्पष्ट रूप से कहा कि फिटिंग वाले एन 95 और केएन 95 मास्क सबसे अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं (CDC Face Mask Guidelines For Vaccinated). हालांकि, एजेंसी के अधिकारियों ने उल्लेख किया कि कुछ मास्क दूसरों की तुलना में पहनने में सहज नहीं होते हैं इसलिए उन्होंने लोगों से अच्छे फिटिंग वाले मास्क चुनने का आग्रह किया जो वे लगातार पहन पाएं.

सीडीसी महामारी के दौरान मास्क को लेकर मार्गदर्शन देता रहा है. राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार को घोषणा की कि उनका प्रशासन एन 95 सहित ‘उच्च गुणवत्ता वाले मास्क’ को मुफ्त में उपलब्ध कराने की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि अधिक विवरण अगले सप्ताह आने की संभावना है. White House ने कहा कि संघीय सरकार के पास 75 करोड़ से अधिक एन 95 मास्क का भंडार है. सीडीसी के अनुसार, ‘सर्जिकल एन 95’ मास्क की एक विशेष श्रेणी है, जो विशेष रूप से रक्त के छींटे और ऑपरेशन के दौरान कमरे में खतरों से सुरक्षा प्रदान के लिए डिजाइन की गई है.

एजेंसी ने कहा कि ऐसे मास्क आमतौर पर जनता के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों के लिए सुरक्षित रखना चाहिए. सीडीसी ने ये जरूरी जानकारी ऐसे वक्त पर दी है, जब अमेरिका में टीकाकरण (US Vaccination Rate) की उच्चर दर और लोगों को बूस्टर डोज लगाए जाने के बावजूद भी संक्रमण के मामले रिकॉर्ड संख्या में सामने आ रहे हैं (US Coronavirus Cases). यहां कुछ दिन पहले उस वक्त संक्रमण के सभी रिकॉर्ड टूट गए, जब 10 लाख से अधिक मामले सामने आए थे. लेकिन सोमवार को ये आंकड़ा भी पीछे रह गया, तब 14 लाख से अधिक केस दर्ज किए गए. जिसके चलते अब दिशा-निर्देशों में सुधार किया जा रहा है.