69,000 करोड़ रुपये के कर्ज में फंसी एअर इंडिया, कर्मचारियों ने आगे बढ़ाये अपने कदम, 50 फीसदी हिस्‍सेदारी के लिए लगाई बोली

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सरकारी एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया 69 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा के कर्ज में फंसी है. अब इसे बचाने के लिए एअर इंडिया के ही कर्मचारी आगे आए हैं. कंपनी के वरिष्ठ कर्मचारियों के एक ग्रुप ने एअर इंडिया को खरीदने के लिए बोली में हिस्‍सा लिया है. एअर इंडिया के 209 कर्मचारियों के इस ग्रुप ने अमेरिका की एक प्राइवेट इक्विटी फर्म इंटरअप्‍स के साथ साझेदारी में सरकारी एयरलाइन में 50 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बोली लगाई है. इंटरअप्‍स के चेयरमैन लक्ष्मी प्रसाद ने इसकी पुष्टि की है.

एअर इंडिया के वरिष्‍ठ कर्मचारियों के ग्रुप में शामिल हर व्‍यक्ति बोली के लिए एक-एक लाख रुपये का योगदान देगा. अगर सब कुछ ठीक रहता है तो देश के कॉरपोरेट इतिहास का यह पहला मामला होगा, जब किसी सरकारी कंपनी को उसके ही कर्मचारी खरीद लेंगे. हालांकि, पायलट और केबिन क्रू का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों ने अपने सदस्यों को कर्मचारी बोली में भाग नहीं लेने की सलाह दी है. बोली प्रक्रिया का नेतृत्व एअर इंडिया की कॉमर्शियल डायरेक्टर मीनाक्षी मलिक कर रही हैं. इनके मुताबिक, पुराने कर्मचारी पूरी तरह इस मुहिम में साथ देंगे. इस मुहिम में शामिल 200 से ज्‍यादा कर्मचारी एक-एक लाख रुपये जुटा रहे हैं. एअर इंडिया में कुल 14 हजार कर्मचारी हैं.

एअर इंडिया के लिए बोली लगाने की समय सीमा आज यानी 14 सितंबर को खत्‍म हो गई है. इस बीच खबरें आईं कि टाटा, अडानी और हिंदुजा ने इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इनमें से किसी ने भी ऐसा नहीं कहा है. बता दें कि सरकार ने एअर इंडिया के लिए बोली लगाने की समयसीमा नहीं बढ़ाई है. हालांकि, सरकार ने एअर इंडिया के लिए बोली लगाने वालों के लिए इन्टीमेशन तारीख को बढ़ाकर 5 जनवरी तक कर दिया है, जो पहले 29 दिसंबर तक थी. यह शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं के नामों की घोषणा की तारीख है. फिजिकल बिड 29 दिसंबर तक होनी चाहिए.

सरकार ने इस एअर इंडिया में अपनी 100 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. साथ ही एअर इंडिया एक्सप्रेस लिमिटेड में भी एअर इंडिया की 100 फीसदी हिस्सेदारी को बेचा जाएगा. एअर इंडिया एसएटीएस एयरपार्ट सविर्सिज प्राइवेट लिमिटेड में 50 फीसदी हिस्सेदारी बेची जाएगी. दीपम की ओर से एअर इंडिया के लिए रुचि जताने वाले दस्तावेज में 31 मार्च 2019 को एअर इंडिया पर कुल कर्ज 60,074 करोड़ रुपये बताया गया है. इसमें से इसके खरीदार को 23,286.5 करोड़ रुपये वहन करने होंगे, जबकि बाकी कर्ज को विशेष उद्देश्य के लिए बनाए गए एअर इंडिया एसेट होल्डिंग्स लिमिटेड को ट्रांसफर कर दिया जाएगा.