विदेश मंत्री जयशंकर: आतंकी तैयार करने वाले देश खुद को आतंकवाद से पीड़ित बता रहे हैं

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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि जिन देशों ने आतंकवादियों को तैयार किया और उन्हें दूसरे देशों में भेजने का काम किया, वे भी अपने आप को आतंकवाद के पीड़ित के रूप में पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बुराई को समर्थन देने वाले ढांचों को बंद करने के लिये वैश्चिक तंत्र बनाने की जरूरत है. पाकिस्तान के परोक्ष संदर्भ में विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण आतंकी समूहों और संबंधित आपराधिक गिरोहों को मदद, प्रशिक्षण और निर्देश देने में संलग्न एक देश को अंतत: ‘अनिच्छा से’ उसके क्षेत्र में वांछित आतंकवादियों और संगठित अपराध से जुड़े नेताओं की मौजूदगी की बात स्वीकर करनी पड़ी.।

छले सप्ताह पाकिस्तान द्वारा जारी एक सांविधिक नियामक आदेश (SRO) में दाऊद इब्राहिम, हाफिज सईद, मसूद अजहर सहित 80 आतंकवादियों के नाम का उल्लेख है. इस आदेश का मकसद आतंकवाद निरोधक निकाय वित्तीय कार्यवाही कार्य बल (FATF) द्वारा काली सूची में डाले जाने से बचना था. द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (TERI) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने भारत की वैश्विक दृष्टि, आत्मनिर्भरता का सार, बहुपक्षता सहित विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए. आर्थिक मुद्दों और सरकार के आत्मनिर्भर भारत बनाने पर ध्यान देने का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘आजीविका और नवोन्मेष को राजनीतिक फैशन और वाणिज्यिक सहुलियत की बलिवेदी पर बलिदान नहीं किया जाना चाहिए. विश्वास करें, कि हमारे देश के पास काफी कुछ है, अगर हममें उसे आगे बढ़ाने का विश्वास हो.”