वायु प्रदूषण को लेकर पर्यावरण मंत्रालय की वर्चुअल बैठक, दिल्ली और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों के मंत्री होंगे शामिल

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दिल्ली, हरियाणा और पंजाब समेत विभिन्न राज्यों में पराली जलाने के कारण होने वाले प्रदूषण को लेकर गुरुवार को पर्यावरण मंत्रालय ने एक वर्चुअल मीटिंग आयोजित की है। इस मीटिंग में वायु प्रदूषण और पराली जलाने से हवा दूषित होने के मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। गौरतलब है कि हर साल नवंबर-दिसंबर महीने के आस-पास पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में पराली जलाए जाने के कारण वायु प्रदूषण काफी बढ़ जाता है। इस मीटिंग में दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, डीडीए एवं एनडीएमसी के के अधिकारी शामिल हुए हैं।

आने वाले दिनों में वायु प्रदूषण बढ़ने के पूर्वानुमान को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में 15 अक्टूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जा रहा है, जो पांच महीनों के लिए लागू रहेगा। यानी कि यह 15 अक्टूबर से शुरू होकर 15 मार्च तक जारी रहेगा। इसके तहत सड़कों की सफाई तकनीकी रूप से की जाएगी। इसके अलावा कच्ची और टूटी सड़कों पर पानी का छिड़काव करने, निर्माण कार्य वाली साइटों पर निरीक्षण और धूल से रोकने के इंतजाम, गाड़ियों की सघन चेकिंग, ट्रैफिक जाम न लगे, इसकी कोशिश करने जैसे निर्देश दिए जाएंगे। वहीं, होटल, रेस्तरां और ढाबों में कोयला और लकड़ी जलाना भी प्रतिबंधित रहेगा। ईंट के भट्ठे वही चलाए जा सकेंगे जो जिग जैग तकनीक वाले होंगे, जबकि हॉट मिक्स प्लांट व स्टोन क्रशर पर धूल बैठाने वाले उपाय किए जाएंगे।