रियल एस्टेट सेक्‍टर पर पड़ी कोरोना की मार, 2020 में देश के 7 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 47 फीसदी हो गई कम

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देश के रियल एस्‍टेट सेक्‍टर पर कोरोना संकट की बुरी मार पड़ी है. इस साल 7 प्रमुख शहरों में केवल 1.38 लाख घरों की बिक्री हो पाई, जबकि 2019 में इन्हीं शहरों में 2.61 लाख घरों की बिक्री हुई थी. एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्‍टेंट्स के आंकड़ों के मुताबिक, 2020 में घरों की बिक्री करीब 47 फीसदी घट गई है. आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 2.37 लाख नये घर बनाए गए थे, जबकि इस बार 1.28 लाख नए घरों का ही निर्माण हुआ.

एनारॉक की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 रियल एस्टेट सेक्टर के लिए उतार-चढ़ावों से भरा रहा है. हालांकि, कोरोना संकट के बीच वित्‍त वर्ष 2020-21 की चौथी तिमाही के दौरान इस सेक्टर के लिए अच्छे दिन लौटने और बड़े पैमाने पर घरों की बिक्री की उम्‍मीद जताई जा रही है. एनारॉक के मुताबिक, देश के 7 प्रमुख शहरों में 2019 की चौथी तिमाही के 51,850 घरों के मुकाबले 2020 की चौथी तिमाही में 52,820 घर बने. सालाना आधार पर घरों की संख्या में 2 फीसदी का इजाफा हुआ है. हैदराबाद में अन्य शहरों के मुकाबले चालू तिमाही में 12,830 घरों का पंजीकरण हुआ.

मुंबई 11,910 घरों के रजिस्‍ट्रेशन के साथ दूसरे नंबर पर रहा. वहीं, शहरों में नये घरों की संख्या में इजाफा होने के कारण नहीं बिके घरों की संख्या में सालाना आधार पर 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संपत्ति सलाहकार नाइट फ्रैंक इंडिया के मुताबिक, मुंबई में 10 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाले घरों की बिक्री में वृद्धि हुई है. आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में 1-17 दिसंबर 2020 के बीच महंगी आवासीय संपत्तियों की 116 यूनिट्स बिकीं. बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने हाल में स्टांप ड्यूटी को 3 फीसदी घटा दिया था. अक्टूबर 2020 में हाई-एंड हाउसिंग यूनिट्स की सबसे ज्यादा 50 यूनिट बिक्री हुई.

महंगी आवासीय इकाइयों की बिक्री में 2020 की दूसरी छमाही में बढ़ोतरी हुई है. इस साल 17 दिसंबर तक 10 करोड़ रुपये से ज्‍यादा कीमत वाली 240 यूनिट्स की बिक्री हुई. इस तरह के मकानों की लगभग आधी बिक्री साल के आखिरी 4 महीनों में हुई. प्रॉपर्टी एडवायजर के मुताकि, 1 सितंबर से 17 दिसंबर 2020 की अवधि में बेची गई प्रमुख आवासीय संपत्तियों का औसत मूल्य 19.33 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया.