भाजपा के पार्टी दिग्गज जुटे सत्ता और संगठन के ‘सिपाहियों’ की पहचान करने में

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भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जल्दी ही काम मिल जाएगा। किसी को जहां विभिन्न निगमों व बोर्डों का चेयरमैन बनाया जाएगा, वहीं अधिकांश को संगठन में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सत्ता और संगठन के ‘सिपाहियों’ की पहचान के लिए पार्टी दिग्गज जुट गए हैं। इस बात पर गहन मंथन किया जा रहा है कि किसे सत्ता में भागीदार बनाना लाभदायक होगा और किसे संगठन में शामिल करके पार्टी का कैडर मजबूत किया जा सकता है।

सूत्रों के अनुसार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहरलाल सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श शुरू कर चुके हैं। सूत्रों के अनुसार विशेष परिस्थितियों को छोड़कर जिन नेताओं को सत्ता में भागीदारी (चेयरमैन) मिलने की उम्मीद है, उन्हें संगठन में नहीं लिया जाएगा। भाजपा का प्रयास सत्ता और संगठन को क्षेत्रवाद व जातिवाद की छाया से एकदम दूर रखने का है। इसी कारण हर वर्ग को उचित भागीदारी मिलेगी। धनखड़ एक-दूसरे के विरोधी होने के नाम पर कुछ नेताओं को अकारण निष्क्रिय नहीं रहने देंगे। सभी को उनकी क्षमता के अनुसार काम दिया जाएगा। चुनाव लड़ने से वंचित रहे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को जहां प्रादेशिक टीम अथवा सत्ता में प्राथमिकता मिलेगी, वहीं अपेक्षाकृत नए ऊर्जावान चेहरों को जिला स्तर पर समायोजित किया जाएगा।