दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने माता-पिता के संग लगवाई कोरोना वैक्सीन

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके माता पिता गीता देवी और गोविंद राम केजरीवाल ने आज कोरोना वायरस वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री और उनके माता-पिता ने दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाया है। यहां सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जा रही है। 

    आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘आज मेरे माता-पिता और मैंने टीका लगवाया। हम सभी ठीक हैं। टीके के बारे में अब कोई संदेह नहीं रहना चाहिए। मेरा अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग टीकाकरण करवाएं।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता महसूस होने पर दिल्ली सरकार जनता के लिए और अधिक टीकाकरण केंद्र खोलेगी।

    देश में एक मार्च से आरंभ हुए टीकाकरण के दूसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोग तथा विभिन्न रोगों से ग्रस्त 45-59 वर्ष आयुवर्ग के लोगों को दिल्ली के 192 अस्पतालों में टीका लगाया जा रहा है।

    दिल्ली सरकार का कहना है कि 45 से 59 वर्ष की आयु के जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है उन्हें सबसे पहले वैक्सीन मिलना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसी वर्ग के तहत वैक्सीन लगवाई है। वहीं उनके माता-पिता की उम्र 60 वर्ष के पार है ऐसे में उन्होंने सीनियर सिटिजन होने के नाते टीका लगवाया।

    मालूम हो कि कोरोना वायरस का दूसरा चरण शुरू होते ही टीकाकरण में काफी तेजी देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि दिल्ली के एक-एक अस्पताल में हर दिन 200 से ज्यादा लोगों को वैक्सीन दिया जा रहा है। राजधानी के सर गंगा राम अस्पताल की नोडल ऑफिसर डॉ. शालिनी चावला ने बताया कि वहां रोजाना लगभग 200 लोग कोरोना टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। 

    वैक्सीन लगने के बाद बुजुर्गों को आधे घंटे देखरेख के लिए अस्पताल में ही रखा जाता है। उसके बाद सब सामान्य रहने पर उन्हें घर भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि अबतक किसी भी वैक्सीन लगवाने वाले को वहां किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है। 

    वहीं लोकनायक अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार उनके यहां रोजाना 200 से भी कहीं ज्यादा लोगों को वैक्सीन दिया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वहां कई ऐसे सीनियर भी पहुंच रहे हैं जिनको ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना नहीं आता, लेकिन अस्पताल में मौजूद स्टाफ उनकी भी मदद कर रहा है। ठीक इसी तरह दिल्ली एम्स, सफदरजंग, आरएमएल, लेडी हार्डिंग, डीडीयू सहित अन्य अस्पतालों में भी स्थिति देखने को मिल रही है। 

    दरअसल दिल्ली में 16 जनवरी से टीकाकरण चल रहा है। शुरूआती दिनों में स्वास्थ्य कर्मचारियों और फिर फ्रंटलाइन वर्करों को वैक्सीन दिया गया लेकिन इन लोगों में वैक्सीन के प्रति उत्साह दिखाई नहीं देने से टीकाकरण काफी मंद गति में आगे बढ़ रहा था। बीते सोमवार को दूसरा चरण शुरू होते ही अस्पतालों पर इसका असर भी दिखाई देने लगा। 

    एक दिन में जहां किसी केंद्र पर पांच या 10 लोगों को वैक्सीन लग रहा था। अब वहां इनकी संख्या 10 गुना तक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो एक केंद्र पर कम से कम 100 लोगों को वैक्सीन तो लग ही रहा है।