कांग्रेसी दिग्‍गज, थरूर और देवड़ा राहुल ब्रिगेड के हमलों के खिलाफ मुखर हुए ,गंभीर मोड़ ले रहा अंदरूनी घमासान

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कांग्रेस (Congress) के भीतर अंदरूनी सियासी घमासान दिनोंदिन तेज होता जा रहा है। यूपीए काल की खामियों का हवाला देकर हमला बोलने वाली राहुल ब्रिगेड के खिलाफ पुराने कांग्रेसी दिग्‍गजों ने भी मोर्चा संभाल लिया है। राहुल ब्रिगेड के सामने मनीष तिवारी (Manish Tewari) के साथ ही अब शशि थरूर (Shashi Tharoor) और मिलिंद देवड़ा (Milind Deora) सरीखे नेता भी आ गए हैं। वहीं युवा बिग्रेड के मुखर चेहरे राजीव सातव (Rajiv Satav) ने भी शायरी के जरिए बुजुर्ग बनाम नई पीढ़ी की लड़ाई में पूरी ताकत से डटे रहने का संदेश दिया है।

गंभीर मोड़ ले रहा अंदरूनी घमासान

कांग्रेस संगठन के मौजूदा स्वरूप में बदलाव से लेकर आगे की दशा-दिशा तय करने पर छिड़ी जंग से साफ है कि पार्टी का घमासान बेहद गंभीर मोड़ ले रहा है। संगठन को उर्जावान और लड़ाकू बनाने की दलील के साथ पुराने नेताओं को किनारा करने की टीम राहुल की गतिविधि पर पार्टी अंदरखाने दो फाड़ है। यूपीए की विरासत पर पार्टी के भीतर से ही कीचड़ उछालने के खिलाफ मनीष तिवारी की मुखर आवाज में शशि थरूर और मिलिंद देवड़ा का सुर मिलना यही साबित करता है।

तिवारी ने दूसरे दिन भी खोला मोर्चा

पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी ने शुक्रवार को साल 2014 ही नहीं 2019 के लोकसभा चुनाव में हुई हार का विश्लेषण करने का सवाल उठाने के सिलसिले को जारी रखते हुए शनिवार को ट्वीट कर यूपीए सरकार पर कांग्रेस के भीतर से ही कीचड़ उछालने वालों को आड़े हाथों लिया। तिवारी ने कहा ‘भाजपा 2004-14 तक 10 साल सत्ता से बाहर थी। इन वर्षों में उसने एक बार भी वाजपेयी या उनकी सरकार पर इसके लिए दोषारोपण नहीं किया लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के भीतर ही कुछ सतही जानकार लोग भाजपा-एनडीए से लड़ने की बजाय मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार पर ही सवाल खड़ा कर रहे हैं।’